Surah 16
Volume 3

Bees

النَّحْل

النَّحل

Surah An-Naḥl for kids content

यहूदियों के लिए निषिद्ध भोजन

118यहूदियों पर हमने वह हराम किया जिसका हमने तुम्हें पहले बताया था।

हमने उन पर ज़ुल्म नहीं किया, बल्कि उन्होंने खुद पर ज़ुल्म किया।

¹⁵

وَعَلَى ٱلَّذِينَ هَادُواْ حَرَّمۡنَا مَا قَصَصۡنَا عَلَيۡكَ مِن قَبۡلُۖ وَمَا ظَلَمۡنَٰهُمۡ وَلَٰكِن كَانُوٓاْ أَنفُسَهُمۡ يَظۡلِمُونَ118

अल्लाह तौबा क़बूल करते हैं।

119जो लोग नासमझी से कोई बुरा काम कर बैठते हैं, फिर उसके बाद तौबा करते हैं और अपनी इस्लाह कर लेते हैं, तो बेशक तुम्हारा रब उसके बाद

बड़ा बख़्शने वाला, निहायत मेहरबान है।

ثُمَّ إِنَّ رَبَّكَ لِلَّذِينَ عَمِلُواْ ٱلسُّوٓءَ بِجَهَٰلَةٖ ثُمَّ تَابُواْ مِنۢ بَعۡدِ ذَٰلِكَ وَأَصۡلَحُوٓاْ إِنَّ رَبَّكَ مِنۢ بَعۡدِهَا لَغَفُورٞ رَّحِيمٌ119

Illustration

पैगंबर इब्राहीम

120निश्चय ही इब्राहीम एक इमाम (आदर्श) था, अल्लाह का आज्ञाकारी, एकाग्रचित्त (हनफ़ी), और वह मूर्तिपूजकों में से न था।

121वह अल्लाह की नेमतों का कृतज्ञ था।

अतः उसने उसे चुन लिया और उसे सीधे मार्ग की ओर मार्गदर्शन किया।

122हमने उसे इस दुनिया में सारी भलाई प्रदान की, और परलोक में वह निश्चय ही नेक लोगों में से होगा।

123फिर हमने तुम्हारी ओर वह्यी की, ऐ पैग़म्बर, यह कहते हुए कि: 'इब्राहीम के दीन का अनुसरण करो, जो एकाग्रचित्त (हनफ़ी) था और मूर्तिपूजकों में से न था।

'

124सब्त का दिन केवल उन लोगों के लिए निर्धारित किया गया था जिन्होंने उसके बारे में मतभेद किया था।

और निश्चय ही तुम्हारा रब क़यामत के दिन उनके मतभेदों का फ़ैसला करेगा।

إِنَّ إِبۡرَٰهِيمَ كَانَ أُمَّةٗ قَانِتٗا لِّلَّهِ حَنِيفٗا وَلَمۡ يَكُ مِنَ ٱلۡمُشۡرِكِينَ120

شَاكِرٗا لِّأَنۡعُمِهِۚ ٱجۡتَبَىٰهُ وَهَدَىٰهُ إِلَىٰ صِرَٰطٖ مُّسۡتَقِيمٖ121

وَءَاتَيۡنَٰهُ فِي ٱلدُّنۡيَا حَسَنَةٗۖ وَإِنَّهُۥ فِي ٱلۡأٓخِرَةِ لَمِنَ ٱلصَّٰلِحِينَ122

ثُمَّ أَوۡحَيۡنَآ إِلَيۡكَ أَنِ ٱتَّبِعۡ مِلَّةَ إِبۡرَٰهِيمَ حَنِيفٗاۖ وَمَا كَانَ مِنَ ٱلۡمُشۡرِكِينَ123

إِنَّمَا جُعِلَ ٱلسَّبۡتُ عَلَى ٱلَّذِينَ ٱخۡتَلَفُواْ فِيهِۚ وَإِنَّ رَبَّكَ لَيَحۡكُمُ بَيۡنَهُمۡ يَوۡمَ ٱلۡقِيَٰمَةِ فِيمَا كَانُواْ فِيهِ يَخۡتَلِفُونَ124

दूसरों को इस्लाम की दावत देना

125अपने रब के मार्ग की ओर सभी को हिकमत और अच्छी नसीहत के साथ बुलाओ, और उनसे वाद-विवाद केवल सर्वोत्तम ढंग से करो।

बेशक तुम्हारा रब ही बेहतर जानता है कि कौन उसके मार्ग से भटक गया है और कौन हिदायत पाया हुआ है।

ٱدۡعُ إِلَىٰ سَبِيلِ رَبِّكَ بِٱلۡحِكۡمَةِ وَٱلۡمَوۡعِظَةِ ٱلۡحَسَنَةِۖ وَجَٰدِلۡهُم بِٱلَّتِي هِيَ أَحۡسَنُۚ إِنَّ رَبَّكَ هُوَ أَعۡلَمُ بِمَن ضَلَّ عَن سَبِيلِهِۦ وَهُوَ أَعۡلَمُ بِٱلۡمُهۡتَدِينَ125

सर्वोत्तम करें।

126यदि तुम बदला लो, तो उतना ही लो जितनी तुम्हें हानि पहुँचाई गई है।

लेकिन यदि तुम सब्र करो, तो निश्चय ही यह सब्र करने वालों के लिए सर्वोत्तम है।

127सब्र करो, ऐ नबी!

तुम्हारा सब्र केवल अल्लाह की मदद से है।

उन काफ़िरों के लिए अफ़सोस मत करो और न ही उनकी साज़िशों से तंग आओ।

128बेशक, अल्लाह उन लोगों के साथ है जो तक़वा इख़्तियार करते हैं और जो नेक काम करते हैं।

وَإِنۡ عَاقَبۡتُمۡ فَعَاقِبُواْ بِمِثۡلِ مَا عُوقِبۡتُم بِهِۦۖ وَلَئِن صَبَرۡتُمۡ لَهُوَ خَيۡرٞ لِّلصَّٰبِرِينَ126

وَٱصۡبِرۡ وَمَا صَبۡرُكَ إِلَّا بِٱللَّهِۚ وَلَا تَحۡزَنۡ عَلَيۡهِمۡ وَلَا تَكُ فِي ضَيۡقٖ مِّمَّا يَمۡكُرُونَ127

إِنَّ ٱللَّهَ مَعَ ٱلَّذِينَ ٱتَّقَواْ وَّٱلَّذِينَ هُم مُّحۡسِنُونَ128

How to study Surah An-Naḥl with children

Use this children's lesson as a guided path: read the short explanation, look at the Arabic verse, listen to related recitation, and return to the full surah when your child is ready for more detail.

Parents can review one section at a time, ask the child to repeat the main idea, and then continue with the next part or a nearby surah. This keeps the lesson connected with Quran reading, audio, and daily practice.