Al-Mu'minûn - The Believers
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निश्चय ही सफल हुए ईमान वाले। जो अपनी नमाज़ों में विनम्रता अपनाते हैं; और जो व्यर्थ बातों से दूर रहते हैं;
यह अनुवाद कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधुनिक प्रौद्योगिकी के माध्यम से किया गया है। इसके अलावा, यह डॉ. मुस्तफा खत्ताब के "स्पष्ट कुरआन" पर आधारित है।

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निश्चय ही सफल हुए ईमान वाले। जो अपनी नमाज़ों में विनम्रता अपनाते हैं; और जो व्यर्थ बातों से दूर रहते हैं;
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ
अल्लाह के नाम से, जो बड़ा मेहरबान, निहायत रहम वाला है।
1. निश्चय ही सफल हुए ईमान वाले।
2. जो अपनी नमाज़ों में विनम्रता अपनाते हैं;
3. और जो व्यर्थ बातों से दूर रहते हैं;
4. जो ज़कात अदा करते हैं;
5. जो अपनी शर्मगाहों की हिफाज़त करते हैं
6. सिवाय अपनी पत्नियों के या उन (बाँदियों) के जो उनके कब्ज़े में हों, तो उन पर कोई मलामत नहीं,
7. लेकिन जो कोई उससे आगे की तलाश करता है, वही हद से गुज़रने वाले हैं।
8. जो अपनी अमानतों और अपने अहद (प्रतिज्ञाओं) के प्रति सच्चे हैं।
9. और जो अपनी नमाज़ों की पाबंदी करते हैं।
10. यही वे लोग हैं जिन्हें प्रदान किया जाएगा।
11. जन्नत उनकी अपनी होगी।
वे उसमें सदा रहेंगे।
قَدْ أَفْلَحَ ٱلْمُؤْمِنُونَ١
ٱلَّذِينَ هُمْ فِى صَلَاتِهِمْ خَـٰشِعُونَ٢
وَٱلَّذِينَ هُمْ عَنِ ٱللَّغْوِ مُعْرِضُونَ٣
وَٱلَّذِينَ هُمْ لِلزَّكَوٰةِ فَـٰعِلُونَ٤
وَٱلَّذِينَ هُمْ لِفُرُوجِهِمْ حَـٰفِظُونَ٥
إِلَّا عَلَىٰٓ أَزْوَٰجِهِمْ أَوْ مَا مَلَكَتْ أَيْمَـٰنُهُمْ فَإِنَّهُمْ غَيْرُ مَلُومِينَ٦
فَمَنِ ٱبْتَغَىٰ وَرَآءَ ذَٰلِكَ فَأُولَـٰٓئِكَ هُمُ ٱلْعَادُونَ٧
وَٱلَّذِينَ هُمْ لِأَمَـٰنَـٰتِهِمْ وَعَهْدِهِمْ رَٰعُونَ٨
وَٱلَّذِينَ هُمْ عَلَىٰ صَلَوَٰتِهِمْ يُحَافِظُونَ٩
أُولَـٰٓئِكَ هُمُ ٱلْوَٰرِثُونَ١٠
ٱلَّذِينَ يَرِثُونَ ٱلْفِرْدَوْسَ هُمْ فِيهَا خَـٰلِدُونَ١١
सूरह 23 - المُؤْمِنُون (विश्वासी) - आयतें 1-11