This translation is done through Artificial Intelligence (AI) modern technology. Moreover, it is based on Dr. Mustafa Khattab's "The Clear Quran".

Surah 82 - الانْفِطَار

Al-Infiṭâr (Surah 82)

الانْفِطَار (The ˹Sky˺ Splitting Open)

Makki SurahMakki Surah

Introduction

पिछली सूरह की तरह, यह मक्की सूरह क़यामत के दिन की कुछ भयावहताओं का वर्णन करती है। काफ़िरों की अपने ख़ालिक़ के प्रति कृतघ्नता के लिए निंदा की जाती है। हर कोई—अगली सूरह में वर्णित धोखेबाज़ों सहित—अपने कर्मों के लिए जवाबदेह ठहराया जाएगा, जो चौकस फ़रिश्तों द्वारा पूरी तरह से दर्ज किए गए हैं। अल्लाह के नाम से जो अत्यंत कृपाशील, दयावान है।

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ

In the Name of Allah—the Most Compassionate, Most Merciful.

क़यामत की दहश्त

1. जब आसमान विदीर्ण होगा, 2. और जब तारे गिर जाएँगे, 3. और जब समुद्र उमड़ पड़ेंगे, 4. और जब कब्रें उगल देंगी, 5. तब हर जान जान लेगी कि उसने क्या आगे भेजा है और क्या पीछे छोड़ा है।

إِذَا ٱلسَّمَآءُ ٱنفَطَرَتْ
١
وَإِذَا ٱلْكَوَاكِبُ ٱنتَثَرَتْ
٢
وَإِذَا ٱلْبِحَارُ فُجِّرَتْ
٣
وَإِذَا ٱلْقُبُورُ بُعْثِرَتْ
٤
عَلِمَتْ نَفْسٌ مَّا قَدَّمَتْ وَأَخَّرَتْ
٥

Surah 82 - الانْفِطَار (फट जाना) - Verses 1-5


इंसान की नाशुक्री

6. ऐ इंसानो! किस चीज़ ने तुम्हें अपने रब के बारे में धोखे में डाल रखा है, जो बड़ा करीम है? 7. जिसने तुम्हें पैदा किया, फिर तुम्हें सुडौल बनाया और तुम्हारी बनावट को ठीक किया, 8. जिस रूप में भी उसने चाहा, तुम्हें जोड़ दिया? 9. हरगिज़ नहीं! बल्कि तुम बदले के दिन को झुठलाते हो। 10. जबकि तुम पर निश्चित रूप से निगरानी रखी जा रही है, सतर्क, 11. आदरणीय फ़रिश्ते, जो (सब कुछ) अंकित कर रहे हैं। 12. वे जानते हैं कि तुम जो कुछ भी करते हो।

يَـٰٓأَيُّهَا ٱلْإِنسَـٰنُ مَا غَرَّكَ بِرَبِّكَ ٱلْكَرِيمِ
٦
ٱلَّذِى خَلَقَكَ فَسَوَّىٰكَ فَعَدَلَكَ
٧
فِىٓ أَىِّ صُورَةٍ مَّا شَآءَ رَكَّبَكَ
٨
كَلَّا بَلْ تُكَذِّبُونَ بِٱلدِّينِ
٩
وَإِنَّ عَلَيْكُمْ لَحَـٰفِظِينَ
١٠
كِرَامًا كَـٰتِبِينَ
١١
يَعْلَمُونَ مَا تَفْعَلُونَ
١٢

Surah 82 - الانْفِطَار (फट जाना) - Verses 6-12


क़यामत के दिन की चेतावनी

13. बेशक, सदाचारी लोग नेमतों में होंगे, 14. और दुष्ट लोग जहन्नम में होंगे, 15. क़यामत के दिन उसमें जलते रहेंगे। 16. और उन्हें उससे कोई बच निकलने का रास्ता नहीं मिलेगा। 17. और तुम्हें क्या पता कि क़यामत का दिन क्या है? 18. फिर तुम्हें क्या पता कि क़यामत का दिन क्या है? 19. वह दिन जब कोई भी जान किसी दूसरी जान के कुछ भी काम न आ सकेगी, और उस दिन सारा अधिकार केवल अल्लाह ही का होगा।

إِنَّ ٱلْأَبْرَارَ لَفِى نَعِيمٍ
١٣
وَإِنَّ ٱلْفُجَّارَ لَفِى جَحِيمٍ
١٤
يَصْلَوْنَهَا يَوْمَ ٱلدِّينِ
١٥
وَمَا هُمْ عَنْهَا بِغَآئِبِينَ
١٦
وَمَآ أَدْرَىٰكَ مَا يَوْمُ ٱلدِّينِ
١٧
ثُمَّ مَآ أَدْرَىٰكَ مَا يَوْمُ ٱلدِّينِ
١٨
يَوْمَ لَا تَمْلِكُ نَفْسٌ لِّنَفْسٍ شَيْـًٔا ۖ وَٱلْأَمْرُ يَوْمَئِذٍ لِّلَّهِ
١٩

Surah 82 - الانْفِطَار (फट जाना) - Verses 13-19


Al-Infiṭâr () - अध्याय 82 - स्पष्ट कुरान डॉ. मुस्तफा खत्ताब द्वारा