This translation is done through Artificial Intelligence (AI) modern technology. Moreover, it is based on Dr. Mustafa Khattab's "The Clear Quran".

Surah 103 - العَصْر

Al-’Aṣr (Surah 103)

العَصْر (The Passage of Time)

Makki SurahMakki Surah

Introduction

यह मक्की सूरह इस बात पर ज़ोर देती है कि, अगली सूरह में वर्णित दुराचारियों के विपरीत, केवल वही लोग जो इस क्षणभंगुर जीवन का सदुपयोग नेक कर्म करके करते हैं, आने वाले शाश्वत जीवन में सफल होंगे। अल्लाह के नाम पर, जो परम कृपालु, अत्यंत दयावान है।

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ

In the Name of Allah—the Most Compassionate, Most Merciful.

मानवता को जगाने का आह्वान

1. समय की कसम! 2. बेशक इंसान घाटे में है, 3. सिवाय उन लोगों के जो ईमान लाए, और नेक अमल किए, और एक दूसरे को हक़ की नसीहत की, और एक दूसरे को सब्र की नसीहत की।

وَٱلْعَصْرِ
١
إِنَّ ٱلْإِنسَـٰنَ لَفِى خُسْرٍ
٢
إِلَّا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا وَعَمِلُوا ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ وَتَوَاصَوْا بِٱلْحَقِّ وَتَوَاصَوْا بِٱلصَّبْرِ
٣

Surah 103 - العَصْر (समय) - Verses 1-3


Al-'Aṣr () - अध्याय 103 - स्पष्ट कुरान डॉ. मुस्तफा खत्ताब द्वारा