यह अनुवाद कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधुनिक प्रौद्योगिकी के माध्यम से किया गया है। इसके अलावा, यह डॉ. मुस्तफा खत्ताब के "स्पष्ट कुरआन" पर आधारित है।

Surah 51 - Aⱬ-Ⱬâriyât

Aⱬ-Ⱬâriyât (सूरह 51)

Aⱬ-Ⱬâriyât (Scattering Winds)

मक्की सूरहमक्की सूरह

परिचयStoriesUnseen

पिछली सूरह की तरह, यह मक्की सूरह क़ियामत की दलील देती है, ब्रह्मांड में अल्लाह की कुछ प्राकृतिक निशानियों का हवाला देते हुए ताकि मुर्दों को दोबारा ज़िंदा करने की उसकी शक्ति को प्रमाणित किया जा सके। क़ियामत को झुठलाने वाले उन लोगों के कई उदाहरण दिए गए हैं जिन्हें तबाह कर दिया गया, जो मोमिनों के इनाम के विपरीत हैं। नबी (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) से आग्रह किया गया है कि वे नसीहत देते रहें। इस सूरह का अंत और अगली सूरह का आरंभ दोनों क़ियामत के दिन की चेतावनी देते हैं। अल्लाह के नाम से जो अत्यंत कृपालु, दयावान है

Aⱬ-Ⱬâriyât - Scattering Winds

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उन हवाओं की क़सम जो (धूल) बिखेरती हैं, और बारिश से लदी हुई, और आसानी से चलने वाली,