Surah 27
Volume 3

The Ants

النَّمْل

النَّمل

Surah An-Naml for kids content

WORDS OF WISDOM

ज्ञान की बातें

  • इस पशु को प्रलय के दिन के प्रमुख संकेतों में से एक माना जाता है। यह पशु धरती से निकलेगा ताकि लोगों को यह दिखा सके कि पुनरुत्थान संभव है। यह पशु उन्हें यह भी दिखाएगा कि पशुओं को भी अल्लाह पर पूर्ण आस्था है - एक ऐसी बात जिसे मूर्ति-पूजक करने में विफल रहते हैं।

    इस पशु के बारे में कोई अन्य विवरण विश्वसनीय स्रोतों में नहीं दिए गए हैं। (इमाम इब्न आशूर)

क़यामत से पहले की भयानक निशानियाँ

82जब 'निर्णय' (क़यामत) का वादा पूरा होने वाला होगा, तो हम उनके लिए धरती से एक जानवर निकालेंगे, जो उन्हें बताएगा कि लोगों को हमारी आयतों पर दृढ़ विश्वास नहीं था।

83उस दिन की प्रतीक्षा करो जब हम हर उम्मत (समुदाय) से उन लोगों का एक समूह इकट्ठा करेंगे जिन्होंने हमारी आयतों को झुठलाया था, और उन्हें व्यवस्थित पंक्तियों में हाँका जाएगा।

84जब वे अंततः 'अल्लाह के समक्ष' उपस्थित होंगे, तो वह उनसे पूछेगा, "क्या तुमने मेरी आयतों को बिना समझे ही अस्वीकार कर दिया था? या तुम वास्तव में क्या कर रहे थे?"

85तो वे अपने किए गए गुनाहों के लिए दंड के पात्र होंगे, जिससे वे निशब्द रह जाएँगे।

وَإِذَا وَقَعَ ٱلۡقَوۡلُ عَلَيۡهِمۡ أَخۡرَجۡنَا لَهُمۡ دَآبَّةٗ مِّنَ ٱلۡأَرۡضِ تُكَلِّمُهُمۡ أَنَّ ٱلنَّاسَ كَانُواْ بِ‍َٔايَٰتِنَا لَا يُوقِنُونَ82

وَيَوۡمَ نَحۡشُرُ مِن كُلِّ أُمَّةٖ فَوۡجٗا مِّمَّن يُكَذِّبُ بِ‍َٔايَٰتِنَا فَهُمۡ يُوزَعُونَ83

حَتَّىٰٓ إِذَا جَآءُو قَالَ أَكَذَّبۡتُم بِ‍َٔايَٰتِي وَلَمۡ تُحِيطُواْ بِهَا عِلۡمًا أَمَّاذَا كُنتُمۡ تَعۡمَلُونَ84

وَوَقَعَ ٱلۡقَوۡلُ عَلَيۡهِم بِمَا ظَلَمُواْ فَهُمۡ لَا يَنطِقُونَ85

WORDS OF WISDOM

ज्ञान की बातें

  • लोगों को फिर से जीवित करने की अपनी सामर्थ्य सिद्ध करने के लिए, अल्लाह आमतौर पर अपनी सृष्टि के कुछ चमत्कारों का उल्लेख करते हैं, जैसे कि ग्रह, पहाड़ और मानव भ्रूण का विकास।

Illustration

अल्लाह की कुदरत: १) दिन और रात

86क्या वे नहीं देखते कि हमने रात उनके आराम के लिए बनाई और दिन रोशनी के लिए? निःसंदेह इसमें उन लोगों के लिए निशानियाँ हैं जो ईमान लाते हैं।

أَلَمۡ يَرَوۡاْ أَنَّا جَعَلۡنَا ٱلَّيۡلَ لِيَسۡكُنُواْ فِيهِ وَٱلنَّهَارَ مُبۡصِرًاۚ إِنَّ فِي ذَٰلِكَ لَأٓيَٰتٖ لِّقَوۡمٖ يُؤۡمِنُونَ86

क़यामत का दिन

87और उस दिन को याद करो जब सूर फूँका जाएगा, और आकाशों में जो हैं और धरती में जो हैं, सब घबरा उठेंगे, सिवाय उनके जिन्हें अल्लाह बचाना चाहेगा। और सब उसके सामने उपस्थित होंगे, पूरी तरह विनम्र होकर।

وَيَوۡمَ يُنفَخُ فِي ٱلصُّورِ فَفَزِعَ مَن فِي ٱلسَّمَٰوَٰتِ وَمَن فِي ٱلۡأَرۡضِ إِلَّا مَن شَآءَ ٱللَّهُۚ وَكُلٌّ أَتَوۡهُ دَٰخِرِينَ87

अल्लाह की क़ुदरत: २) पृथ्वी का घूर्णन

88अब तुम पहाड़ों को देखते हो और समझते हो कि वे अपनी जगह पर जमे हुए हैं, जबकि वे बादलों की तरह चल रहे हैं। यह अल्लाह की कारीगरी है जिसने हर चीज़ को परिपूर्ण बनाया है। निःसंदेह वह तुम्हारे सभी कर्मों से पूरी तरह अवगत है।

وَتَرَى ٱلۡجِبَالَ تَحۡسَبُهَا جَامِدَةٗ وَهِيَ تَمُرُّ مَرَّ ٱلسَّحَابِۚ صُنۡعَ ٱللَّهِ ٱلَّذِيٓ أَتۡقَنَ كُلَّ شَيۡءٍۚ إِنَّهُۥ خَبِيرُۢ بِمَا تَفۡعَلُونَ88

हिसाब का दिन

89जो कोई नेकी लेकर आएगा, उसे उससे बेहतर मिलेगा, और वे उस दिन की दहशत से बेखौफ रहेंगे।

90और जो कोई बुराई लेकर आएगा, उसे आग में औंधे मुँह धकेल दिया जाएगा। क्या तुम्हें उसी का बदला नहीं मिल रहा जो तुम करते थे?

مَن جَآءَ بِٱلۡحَسَنَةِ فَلَهُۥ خَيۡرٞ مِّنۡهَا وَهُم مِّن فَزَعٖ يَوۡمَئِذٍ ءَامِنُونَ89

وَمَن جَآءَ بِٱلسَّيِّئَةِ فَكُبَّتۡ وُجُوهُهُمۡ فِي ٱلنَّارِ هَلۡ تُجۡزَوۡنَ إِلَّا مَا كُنتُمۡ تَعۡمَلُونَ90

नबी को नसीहत

91कहो, 'हे नबी,' "मुझे तो बस इस 'मक्का शहर' के रब की इबादत करने का हुक्म दिया गया है, जिसने इसे पवित्र बनाया है, और सब कुछ उसी का है। और मुझे यह भी हुक्म दिया गया है कि मैं उन लोगों में से रहूँ जो 'पूरी तरह' 'उसके' प्रति समर्पित हैं।"

92और कुरान की तिलावत करने का।" फिर जो कोई हिदायत पाना चाहे, तो यह उसी के अपने भले के लिए है। लेकिन जो कोई भटकना चाहे, कहो, 'हे नबी,' "मैं तो बस एक चेतावनी देने वाला हूँ।"

93और कहो, "सारी प्रशंसा अल्लाह के लिए है! वह तुम्हें अपनी निशानियाँ दिखाएगा, और तुम उन्हें पहचान लोगे। तुम्हारा रब कभी भी उससे बेखबर नहीं है जो तुम सब करते हो।"

إِنَّمَآ أُمِرۡتُ أَنۡ أَعۡبُدَ رَبَّ هَٰذِهِ ٱلۡبَلۡدَةِ ٱلَّذِي حَرَّمَهَا وَلَهُۥ كُلُّ شَيۡءٖۖ وَأُمِرۡتُ أَنۡ أَكُونَ مِنَ ٱلۡمُسۡلِمِينَ91

وَأَنۡ أَتۡلُوَاْ ٱلۡقُرۡءَانَۖ فَمَنِ ٱهۡتَدَىٰ فَإِنَّمَا يَهۡتَدِي لِنَفۡسِهِۦۖ وَمَن ضَلَّ فَقُلۡ إِنَّمَآ أَنَا۠ مِنَ ٱلۡمُنذِرِينَ92

وَقُلِ ٱلۡحَمۡدُ لِلَّهِ سَيُرِيكُمۡ ءَايَٰتِهِۦ فَتَعۡرِفُونَهَاۚ وَمَا رَبُّكَ بِغَٰفِلٍ عَمَّا تَعۡمَلُونَ93