Al-Layl - The Night
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रात की क़सम जब वह छा जाए। और दिन की क़सम जब वह चमक उठे। और उसकी क़सम जिसने नर और मादा को पैदा किया।
यह अनुवाद कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधुनिक प्रौद्योगिकी के माध्यम से किया गया है। इसके अलावा, यह डॉ. मुस्तफा खत्ताब के "स्पष्ट कुरआन" पर आधारित है।

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रात की क़सम जब वह छा जाए। और दिन की क़सम जब वह चमक उठे। और उसकी क़सम जिसने नर और मादा को पैदा किया।
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ
अल्लाह के नाम से, जो बड़ा मेहरबान, निहायत रहम वाला है।
1. रात की क़सम जब वह छा जाए।
2. और दिन की क़सम जब वह चमक उठे।
3. और उसकी क़सम जिसने नर और मादा को पैदा किया।
4. निश्चय ही तुम्हारे प्रयास विविध हैं।
5. और जिसने दान दिया और परहेज़गारी की,
6. और जिसने उत्तम प्रतिफल को सच्चा माना,
7. हम उनके लिए आसानी का मार्ग सुगम बना देंगे।
8. और जो कंजूसी करता है और (अल्लाह से) ग़ाफ़िल रहता है,
9. और जो (दृढ़ता से) सबसे उत्तम प्रतिफल को झुठलाता है,
10. हम उनके लिए दुश्वारी का मार्ग सुगम कर देंगे।
11. और उनका माल उनके कुछ काम न आएगा जब वे (जहन्नम में) गिरेंगे।
وَٱلَّيْلِ إِذَا يَغْشَىٰ١
وَٱلنَّهَارِ إِذَا تَجَلَّىٰ٢
وَمَا خَلَقَ ٱلذَّكَرَ وَٱلْأُنثَىٰٓ٣
إِنَّ سَعْيَكُمْ لَشَتَّىٰ٤
فَأَمَّا مَنْ أَعْطَىٰ وَٱتَّقَىٰ٥
وَصَدَّقَ بِٱلْحُسْنَىٰ٦
فَسَنُيَسِّرُهُۥ لِلْيُسْرَىٰ٧
وَأَمَّا مَنۢ بَخِلَ وَٱسْتَغْنَىٰ٨
وَكَذَّبَ بِٱلْحُسْنَىٰ٩
فَسَنُيَسِّرُهُۥ لِلْعُسْرَىٰ١٠
وَمَا يُغْنِى عَنْهُ مَالُهُۥٓ إِذَا تَرَدَّىٰٓ١١
सूरह 92 - اللَّيْل (रात) - आयतें 1-11