यह अनुवाद कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधुनिक प्रौद्योगिकी के माध्यम से किया गया है। इसके अलावा, यह डॉ. मुस्तफा खत्ताब के "स्पष्ट कुरआन" पर आधारित है।

Surah 77 - Al-Mursalât

Al-Mursalât (सूरह 77)

Al-Mursalât (Those ˹Winds˺ Sent Forth)

मक्की सूरहमक्की सूरह

परिचयUnseen

पिछली दो सूरहों और अगली दो सूरहों की तरह, यह मक्की सूरह स्पष्ट करती है कि अल्लाह की सृजन शक्ति को मृतकों को न्याय के लिए पुनः जीवित करने की उसकी क्षमता का प्रमाण माना जाना चाहिए। क़यामत की भयावहता और दुष्टों का दंड कड़े शब्दों में वर्णित है। अल्लाह के नाम से—जो अत्यंत कृपाशील, दयावान है।

Al-Mursalât - Those ˹Winds˺ Sent Forth

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उन (हवाओं) की क़सम जो एक के बाद एक भेजी जाती हैं, और उन (हवाओं) की क़सम जो ज़ोर से चलती हैं, और उन (हवाओं) की क़सम जो (बादलों को) फैला देती हैं!