यह अनुवाद कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधुनिक प्रौद्योगिकी के माध्यम से किया गया है। इसके अलावा, यह डॉ. मुस्तफा खत्ताब के "स्पष्ट कुरआन" पर आधारित है।

Surah 75 - Al-Qiyamah

Al-Qiyamah (सूरह 75)

Al-Qiyamah (The ˹Rising for˺ Judgment)

मक्की सूरहमक्की सूरह

परिचयUnseen

यह मक्की सूरह पुनरुत्थान और न्याय के मूर्तिपूजकों के इनकार का खंडन करती है। सूरह स्पष्ट करती है कि मृत्यु और न्याय अपरिहार्य हैं। यह तथ्य कि अल्लाह ने मनुष्यों को तुच्छ द्रव से बनाया और वह सभी का हिसाब लेने में सक्षम है, अगली सूरह में विस्तार से बताया गया है। अल्लाह के नाम पर—जो अत्यंत कृपाशील, परम दयावान है।

Al-Qiyamah - The ˹Rising for˺ Judgment

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क़सम है क़यामत के दिन की! और क़सम है मलामत करने वाले नफ़्स की! क्या इंसान यह गुमान करता है कि हम उसकी हड्डियों को दोबारा जमा नहीं कर सकते?