यह अनुवाद कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधुनिक प्रौद्योगिकी के माध्यम से किया गया है। इसके अलावा, यह डॉ. मुस्तफा खत्ताब के "स्पष्ट कुरआन" पर आधारित है।

Surah 45 - Al-Jâthiyah

Al-Jâthiyah (सूरह 45)

Al-Jâthiyah (The Kneeling)

मक्की सूरहमक्की सूरह

परिचयUnseen

यह मक्की सूरह, जिसका नाम आयत 28 में वर्णित क़यामत के दिन हर धर्म-समुदाय के घुटने टेकने से लिया गया है, उन लोगों की आलोचना करती है जो अल्लाह की आयतों से मुँह मोड़ते हैं, क़यामत का इनकार करते हैं, सत्य का उपहास करते हैं, और अल्लाह के अनगिनत एहसानों तथा सृष्टि के चमत्कारों की क़द्र नहीं करते। इन इनकार करने वालों का भयानक अंजाम सूरह के अंतिम भाग में दर्शाया गया है। इन सभी विषयों पर अगली सूरह में भी ज़ोर दिया गया है। अल्लाह के नाम से, जो परम दयालु, अत्यंत कृपावान है।

Al-Jâthiyah - The Kneeling

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हा-मीम। इस किताब का अवतरण अल्लाह की ओर से है, जो सर्वशक्तिमान, महाज्ञानी है। निःसंदेह आकाशों और धरती की रचना में ईमान वालों के लिए निशानियाँ हैं।