This translation is done through Artificial Intelligence (AI) modern technology. Moreover, it is based on Dr. Mustafa Khattab's "The Clear Quran".

Surah 110 - النَّصْر

An-Naṣr (सूरह 110)

النَّصْر (The ˹Ultimate˺ Help)

मदनी सूरहमदनी सूरह

परिचय

यह मदनी सूरह पैगंबर (ﷺ) के जीवन के अंत के करीब नाज़िल हुई थी, उन्हें यह हिदायत देते हुए कि एक बार जब उनका मिशन पूरा हो जाए और उनके संदेश को बहुतों द्वारा स्वीकार कर लिया जाए, तो उन्हें (ﷺ) अपने रचयिता से मिलने के लिए तैयार रहना चाहिए। उनके संदेश को ठुकराने वालों का एक चेतावनीपूर्ण उदाहरण अगली सूरह में दिया गया है। अल्लाह के नाम से—जो अत्यंत दयालु, परम कृपालु है।

An-Naṣr - The ˹Ultimate˺ Help

इस पेज पर अरबी पाठ पढ़ें, हिंदी अनुवाद समझें, पाठ सुनें और आयत दर आयत अध्ययन को स्पष्ट क्रम में जारी रखें। जब अल्लाह की मदद और फ़तह (विजय) आ जाए, और तुम (ऐ पैग़म्बर) लोगों को अल्लाह के दीन में झुंड के झुंड दाख़िल होते देखो, तो अपने रब की हम्द के साथ तस्बीह करो और उससे मग़फ़िरत तलब करो, बेशक वह तौबा क़बूल करने वाला है।