This translation is done through Artificial Intelligence (AI) modern technology. Moreover, it is based on Dr. Mustafa Khattab's "The Clear Quran".

Al-’Ȃdiyât (Surah 100)
العَادِيَات (The Galloping Horses)
Introduction
यह मक्की सूरह इस बात पर ज़ोर देती है कि लोग क़यामत के दिन अपने रब के प्रति अपनी कृतघ्नता (नाशुक्री) के लिए जवाबदेह होंगे। लोगों के अपनी क़ब्रों से निकलने का दृश्य (आयतः 9) अगली सूरह में विस्तार से वर्णित है। अल्लाह के नाम से जो अत्यंत कृपाशील, दयावान है।
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ
In the Name of Allah—the Most Compassionate, Most Merciful.
मानव कृतघ्नता
1. उन घोड़ों की क़सम जो हाँफते हुए सरपट दौड़ते हैं, 2. फिर जो (अपनी टापों से) चिंगारियाँ झाड़ते हैं, 3. फिर जो सुबह के वक़्त धावा बोलते हैं, 4. धूल उड़ाने वाले, 5. और शत्रु दल के बीच में घुस जाने वाले! 6. बेशक इंसान अपने रब का नाशुक्रा है— 7. और वे निश्चित रूप से इसकी गवाही देते हैं— 8. और वे सचमुच (दुनियावी) लाभों के प्रति अत्यधिक आसक्त हैं। 9. क्या वे नहीं जानते कि जब कब्रों में जो कुछ है उसे बाहर निकाल दिया जाएगा, 10. और दिलों के भेद खोल दिए जाएँगे— 11. निश्चय ही उनका रब उस दिन उनके विषय में पूर्णतः जानने वाला है।