यह अनुवाद कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधुनिक प्रौद्योगिकी के माध्यम से किया गया है। इसके अलावा, यह डॉ. मुस्तफा खत्ताब के "स्पष्ट कुरआन" पर आधारित है।

Al-Bayyinah (सूरह 98)
البَيِّنَة (The Clear Proof)
परिचय
इस मदनी सूरह के अनुसार, नबी (ﷺ) को इसलिए भेजा गया था ताकि काफ़िर अपनी राह बदल लें और अपनी इबादत केवल अल्लाह के लिए समर्पित करें। जो लोग ईमान लाते हैं, उनसे बड़े सवाब का वादा किया गया है, जबकि जो कुफ़्र पर अड़े रहते हैं, उन्हें भयानक अज़ाब की चेतावनी दी गई है। मोमिनों और काफ़िरों का फ़ैसला अगली सूरह का मुख्य विषय है। अल्लाह के नाम से—जो अत्यंत दयालु, परम कृपालु है।
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ
अल्लाह के नाम से, जो बड़ा मेहरबान, निहायत रहम वाला है।
नबी स्पष्ट प्रमाण हैं।
1. अहले किताब में से जिन लोगों ने कुफ़्र किया और मुशरिक लोग (अपने कुफ़्र से) बाज़ आने वाले न थे, जब तक उनके पास खुली हुई दलील न आ जाए। 2. अल्लाह की ओर से एक रसूल, जो पाक सह़ीफ़े पढ़ता है, 3. जिनमें सीधी और सही बातें हों। 4. अहले किताब में फूट नहीं पड़ी थी, जब तक कि उनके पास यह स्पष्ट प्रमाण नहीं आ गया था— 5. जबकि उन्हें केवल यही आदेश दिया गया था कि वे अल्लाह की इबादत करें, एकाग्रचित्त होकर, निष्ठापूर्वक उसके लिए, नमाज़ क़ायम करें और ज़कात अदा करें। यही सच्चा दीन है।
सूरह 98 - البَيِّنَة (स्पष्ट सबूत) - आयतें 1-5
झुठलाने वालों का अंजाम।
6. निःसंदेह, अहले किताब में से और मुशरिकों में से जिन लोगों ने इनकार किया, वे जहन्नम की आग में होंगे, उसमें हमेशा रहेंगे। वे सब प्राणियों में सबसे बदतरीन मख़लूक़ हैं।
सूरह 98 - البَيِّنَة (स्पष्ट सबूत) - आयतें 6-6
ईमान लाने वालों का अंजाम।
7. निःसंदेह, जो लोग ईमान लाए और नेक अमल किए, वे ही सब प्राणियों में उत्तम हैं। 8. उनका प्रतिफल उनके रब के पास अदन के बाग़ होंगे, जिनके नीचे से नहरें बहती होंगी, जिनमें वे सदा-सर्वदा रहेंगे। अल्लाह उनसे राज़ी है और वे उससे राज़ी हैं। यह उनके लिए है जो अपने रब का भय रखते हैं।