यह अनुवाद कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधुनिक प्रौद्योगिकी के माध्यम से किया गया है। इसके अलावा, यह डॉ. मुस्तफा खत्ताब के "स्पष्ट कुरआन" पर आधारित है।

Surah 94 - الشَّرْح

Ash-Sharḥ (सूरह 94)

الشَّرْح (Uplifting the Heart)

मक्की सूरहमक्की सूरह

परिचय

पिछली सूरह की तरह, यह सूरह भी पैगंबर (ﷺ) को और अधिक नेमतों की याद दिलाती है ताकि उन्हें मक्का शहर में अल्लाह के निरंतर समर्थन का आश्वासन मिल सके, जिसका उल्लेख अगली सूरह में किया गया है। अल्लाह के नाम से जो अत्यंत कृपाशील, दयावान है

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ

अल्लाह के नाम से, जो बड़ा मेहरबान, निहायत रहम वाला है।

नबी को और अधिक तसल्ली

1. क्या हमने आपके लिए आपका सीना खोल नहीं दिया, 2. और आपसे वह बोझ हटा नहीं दिया, 3. जिसने आपकी पीठ तोड़ दी थी? 4. और क्या हमने आपके लिए आपकी शोहरत को बुलंद किया? 5. तो बेशक, कठिनाई के साथ आसानी है। 6. बेशक, कठिनाई के साथ आसानी है। 7. जब तुम फ़ारिग़ हो जाओ, तो (इबादत में) जुट जाओ। 8. और अपने रब ही की तरफ़ रग़बत करो।

أَلَمْ نَشْرَحْ لَكَ صَدْرَكَ
١
وَوَضَعْنَا عَنكَ وِزْرَكَ
٢
ٱلَّذِىٓ أَنقَضَ ظَهْرَكَ
٣
وَرَفَعْنَا لَكَ ذِكْرَكَ
٤
فَإِنَّ مَعَ ٱلْعُسْرِ يُسْرًا
٥
إِنَّ مَعَ ٱلْعُسْرِ يُسْرًا
٦
فَإِذَا فَرَغْتَ فَٱنصَبْ
٧
وَإِلَىٰ رَبِّكَ فَٱرْغَب
٨

सूरह 94 - الشَّرْح (दिल खोलना) - आयतें 1-8