This translation is done through Artificial Intelligence (AI) modern technology. Moreover, it is based on Dr. Mustafa Khattab's "The Clear Quran".

Surah 93 - الضُّحَى

Aḍ-Ḍuḥa (Surah 93)

الضُّحَى (The Morning Sunlight)

Makki SurahMakki Surah

Introduction

रिवायत है कि कुरान की शुरुआती सूरतों के बाद कुछ समय के लिए वह्य रुक गई, तो कुछ मक्का के मूर्तिपूजकों ने पैगंबर (ﷺ) का मज़ाक उड़ाना शुरू कर दिया, यह कहते हुए कि अल्लाह उनसे (ﷺ) बेपरवाह और नाराज़ हो गया है। इसलिए, यह मक्की सूरत उनके झूठे आरोपों का खंडन करने और पैगंबर (ﷺ) को अल्लाह की कुछ नेमतों की याद दिलाने के लिए नाज़िल हुई। अल्लाह के नाम से जो अत्यंत दयालु, असीम कृपालु है।

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ

In the Name of Allah—the Most Compassionate, Most Merciful.

नबी को आश्वस्त करना

1. चमकीली सुबह की क़सम, 2. और रात की क़सम जब वह छा जाए! 3. आपके रब ने आपको नहीं त्यागा है, और न ही वह आपसे नाराज़ हुआ है। 4. और यक़ीनन तुम्हारे लिए आख़िरत इस दुनिया से कहीं बेहतर है। 5. और तुम्हारा रब तुम्हें इतना देगा कि तुम राज़ी हो जाओगे। 6. क्या उसने तुम्हें यतीम नहीं पाया था, फिर पनाह दी? 7. क्या उसने तुम्हें गुमराह नहीं पाया फिर तुम्हें हिदायत दी? 8. और क्या उसने तुम्हें मोहताज नहीं पाया फिर तुम्हें बेनियाज़ कर दिया? 9. लिहाज़ा यतीम पर ज़ुल्म न करना, 10. और न दुत्कारो याचक को। 11. और अपने रब की नेमतों का बयान करो।

وَٱلضُّحَىٰ
١
وَٱلَّيْلِ إِذَا سَجَىٰ
٢
مَا وَدَّعَكَ رَبُّكَ وَمَا قَلَىٰ
٣
وَلَلْـَٔاخِرَةُ خَيْرٌ لَّكَ مِنَ ٱلْأُولَىٰ
٤
وَلَسَوْفَ يُعْطِيكَ رَبُّكَ فَتَرْضَىٰٓ
٥
أَلَمْ يَجِدْكَ يَتِيمًا فَـَٔاوَىٰ
٦
وَوَجَدَكَ ضَآلًّا فَهَدَىٰ
٧
وَوَجَدَكَ عَآئِلًا فَأَغْنَىٰ
٨
فَأَمَّا ٱلْيَتِيمَ فَلَا تَقْهَرْ
٩
وَأَمَّا ٱلسَّآئِلَ فَلَا تَنْهَرْ
١٠
وَأَمَّا بِنِعْمَةِ رَبِّكَ فَحَدِّثْ
١١

Surah 93 - الضُّحَى (सुबह की रोशनी) - Verses 1-11


Aḍ-Ḍuḥa () - अध्याय 93 - स्पष्ट कुरान डॉ. मुस्तफा खत्ताब द्वारा