Ash-Shams - The Sun
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सूर्य और उसकी प्रभा की क़सम, और चाँद की क़सम, जब वह उसका अनुसरण करता है, और दिन की क़सम, जब वह उसे प्रकट करता है,
यह अनुवाद कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधुनिक प्रौद्योगिकी के माध्यम से किया गया है। इसके अलावा, यह डॉ. मुस्तफा खत्ताब के "स्पष्ट कुरआन" पर आधारित है।

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सूर्य और उसकी प्रभा की क़सम, और चाँद की क़सम, जब वह उसका अनुसरण करता है, और दिन की क़सम, जब वह उसे प्रकट करता है,
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ
अल्लाह के नाम से, जो बड़ा मेहरबान, निहायत रहम वाला है।
1. सूर्य और उसकी प्रभा की क़सम,
2. और चाँद की क़सम, जब वह उसका अनुसरण करता है,
3. और दिन की क़सम, जब वह उसे प्रकट करता है,
4. और रात जब वह उसे ढक लेती है!
5. और आकाश की क़सम और जिसने उसे बनाया,
6. और ज़मीन की क़सम और जिसने उसे फैलाया!
7. और नफ़्स की क़सम और उसकी जिसने उसे संवारा,
8. फिर उसे उसकी बुराई और उसकी भलाई का इल्हाम किया!
9. निश्चित रूप से सफल हुआ वह जिसने अपने नफ़्स को पाक किया,
10. और बर्बाद हुआ वह जिसने उसे भ्रष्ट किया!
وَٱلشَّمْسِ وَضُحَىٰهَا١
وَٱلْقَمَرِ إِذَا تَلَىٰهَا٢
وَٱلنَّهَارِ إِذَا جَلَّىٰهَا٣
وَٱلَّيْلِ إِذَا يَغْشَىٰهَا٤
وَٱلسَّمَآءِ وَمَا بَنَىٰهَا٥
وَٱلْأَرْضِ وَمَا طَحَىٰهَا٦
وَنَفْسٍ وَمَا سَوَّىٰهَا٧
فَأَلْهَمَهَا فُجُورَهَا وَتَقْوَىٰهَا٨
قَدْ أَفْلَحَ مَن زَكَّىٰهَا٩
وَقَدْ خَابَ مَن دَسَّىٰهَا١٠
सूरह 91 - الشَّمْس (सूरज) - आयतें 1-10