Al-Balad - The City
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क़सम है इस शहर की— जबकि आप इस शहर में सताए जाते हैं— और क़सम है हर वालिद और औलाद की!
यह अनुवाद कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधुनिक प्रौद्योगिकी के माध्यम से किया गया है। इसके अलावा, यह डॉ. मुस्तफा खत्ताब के "स्पष्ट कुरआन" पर आधारित है।

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क़सम है इस शहर की— जबकि आप इस शहर में सताए जाते हैं— और क़सम है हर वालिद और औलाद की!
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ
अल्लाह के नाम से, जो बड़ा मेहरबान, निहायत रहम वाला है।
1. क़सम है इस शहर की—
2. जबकि आप इस शहर में सताए जाते हैं—
3. और क़सम है हर वालिद और औलाद की!
4. निःसंदेह, हमने मनुष्य को निरंतर संघर्ष में पैदा किया है।
5. क्या वे सोचते हैं कि उन पर किसी का वश नहीं चलता,
6. शेखी बघारते हुए कहता है, "मैंने अपार धन लुटा दिया है!
"
7. क्या वे सोचते हैं कि उन्हें कोई नहीं देखता?
8. क्या हमने उन्हें दो आँखें नहीं दीं,
9. एक ज़बान और दो होंठ?
10. और उन्हें दो मार्ग नहीं दिखाए?
لَآ أُقْسِمُ بِهَـٰذَا ٱلْبَلَدِ١
وَأَنتَ حِلٌّۢ بِهَـٰذَا ٱلْبَلَدِ٢
وَوَالِدٍ وَمَا وَلَدَ٣
لَقَدْ خَلَقْنَا ٱلْإِنسَـٰنَ فِى كَبَدٍ٤
أَيَحْسَبُ أَن لَّن يَقْدِرَ عَلَيْهِ أَحَدٌ٥
يَقُولُ أَهْلَكْتُ مَالًا لُّبَدًا٦
أَيَحْسَبُ أَن لَّمْ يَرَهُۥٓ أَحَدٌ٧
أَلَمْ نَجْعَل لَّهُۥ عَيْنَيْنِ٨
وَلِسَانًا وَشَفَتَيْنِ٩
وَهَدَيْنَـٰهُ ٱلنَّجْدَيْنِ١٠
सूरह 90 - البَلَد (शहर) - आयतें 1-10