This translation is done through Artificial Intelligence (AI) modern technology. Moreover, it is based on Dr. Mustafa Khattab's "The Clear Quran".

Surah 88 - الغَاشِيَة

Al-Ghâshiyah (Surah 88)

الغَاشِيَة (The Overwhelming Event)

Makki SurahMakki Surah

Introduction

यह मक्की सूरह आख़िरत में दुराचारियों के परिणाम की तुलना सदाचारियों के परिणाम से करती है। जो अल्लाह की सामर्थ्य पर विश्वास नहीं करते, उनकी आलोचना की जाती है क्योंकि वे उसकी सृष्टि की अद्भुत निशानियों पर चिंतन नहीं करते, और उन्हें अगली सूरह के आरंभ में वर्णित कुछ नष्ट किए गए काफ़िरों के परिणाम की चेतावनी दी जाती है। अल्लाह के नाम से जो अत्यंत कृपाशील, दयावान है

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ

In the Name of Allah—the Most Compassionate, Most Merciful.

जहन्नम वाले

1. क्या आप तक छा जाने वाली घटना की ख़बर पहुँची है? 2. उस दिन कुछ चेहरे झुके हुए होंगे, 3. मेहनत करने वाले, थके हुए, 4. झुलसाने वाली आग में जलते हुए, 5. उन्हें एक खौलते हुए चश्मे से पीने के लिए छोड़ दिया जाएगा। 6. उनके पास एक घृणित, कांटेदार झाड़ी के सिवाय कोई भोजन नहीं होगा, 7. न मोटा करेगा और न भूख मिटाएगा।

هَلْ أَتَىٰكَ حَدِيثُ ٱلْغَـٰشِيَةِ
١
وُجُوهٌ يَوْمَئِذٍ خَـٰشِعَةٌ
٢
عَامِلَةٌ نَّاصِبَةٌ
٣
تَصْلَىٰ نَارًا حَامِيَةً
٤
تُسْقَىٰ مِنْ عَيْنٍ ءَانِيَةٍ
٥
لَّيْسَ لَهُمْ طَعَامٌ إِلَّا مِن ضَرِيعٍ
٦
لَّا يُسْمِنُ وَلَا يُغْنِى مِن جُوعٍ
٧

Surah 88 - الغَاشِيَة (ढांक लेने वाली) - Verses 1-7


जन्नत वाले

8. उस दिन कुछ चेहरे आनंद से दमकते होंगे, 9. अपने प्रयास से पूर्णतः संतुष्ट, 10. एक बुलंद बाग में, 11. जहाँ कोई व्यर्थ बात नहीं सुनी जाएगी। 12. उसमें एक बहता हुआ चश्मा होगा, 13. और ऊँचे बिछे हुए सिंहासन, 14. और पास रखे हुए प्याले, 15. और सजी हुई मसनदें, 16. और बिछे हुए शानदार कालीन।

وُجُوهٌ يَوْمَئِذٍ نَّاعِمَةٌ
٨
لِّسَعْيِهَا رَاضِيَةٌ
٩
فِى جَنَّةٍ عَالِيَةٍ
١٠
لَّا تَسْمَعُ فِيهَا لَـٰغِيَةً
١١
فِيهَا عَيْنٌ جَارِيَةٌ
١٢
فِيهَا سُرُرٌ مَّرْفُوعَةٌ
١٣
وَأَكْوَابٌ مَّوْضُوعَةٌ
١٤
وَنَمَارِقُ مَصْفُوفَةٌ
١٥
وَزَرَابِىُّ مَبْثُوثَةٌ
١٦

Surah 88 - الغَاشِيَة (ढांक लेने वाली) - Verses 8-16


झुठलाने वालों को एक संदेश

17. क्या वे ऊँटों पर कभी गौर नहीं करते कि उन्हें कैसे (अद्भुत ढंग से) पैदा किया गया? 18. और आसमान को—कि उसे कैसे ऊँचा किया गया? 19. और पहाड़ों को कैसे गाड़ दिया गया? 20. और ज़मीन को कैसे बिछाया गया? 21. तो आप नसीहत करते रहिए, आप तो बस नसीहत करने वाले हैं। 22. आप उन पर ज़बरदस्ती करने वाले नहीं हैं। 23. लेकिन जो मुँह फेरता है और कुफ़्र करता है, 24. तो अल्लाह उन पर बड़ा अज़ाब नाज़िल करेगा। 25. निश्चित रूप से हमारी ही ओर उनका लौटना है, 26. फिर निश्चित रूप से हमारे ही पास उनका हिसाब है।

أَفَلَا يَنظُرُونَ إِلَى ٱلْإِبِلِ كَيْفَ خُلِقَتْ
١٧
وَإِلَى ٱلسَّمَآءِ كَيْفَ رُفِعَتْ
١٨
وَإِلَى ٱلْجِبَالِ كَيْفَ نُصِبَتْ
١٩
وَإِلَى ٱلْأَرْضِ كَيْفَ سُطِحَتْ
٢٠
فَذَكِّرْ إِنَّمَآ أَنتَ مُذَكِّرٌ
٢١
لَّسْتَ عَلَيْهِم بِمُصَيْطِرٍ
٢٢
إِلَّا مَن تَوَلَّىٰ وَكَفَرَ
٢٣
فَيُعَذِّبُهُ ٱللَّهُ ٱلْعَذَابَ ٱلْأَكْبَرَ
٢٤
إِنَّ إِلَيْنَآ إِيَابَهُمْ
٢٥
ثُمَّ إِنَّ عَلَيْنَا حِسَابَهُم
٢٦

Surah 88 - الغَاشِيَة (ढांक लेने वाली) - Verses 17-26


Al-Ghâshiyah () - अध्याय 88 - स्पष्ट कुरान डॉ. मुस्तफा खत्ताब द्वारा