यह अनुवाद कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधुनिक प्रौद्योगिकी के माध्यम से किया गया है। इसके अलावा, यह डॉ. मुस्तफा खत्ताब के "स्पष्ट कुरआन" पर आधारित है।

Surah 87 - الأعْلَى

Al-A’la (सूरह 87)

الأعْلَى (The Most High)

मक्की सूरहमक्की सूरह

परिचय

पिछली सूरह के अंत के अनुसार, उन दुष्टों के विपरीत जो अल्लाह के विरुद्ध षड्यंत्र रचते हैं, इस मक्की सूरह के आरंभ में नबी (ﷺ) को अपने रब की तस्बीह करने का आदेश दिया गया है। इस क्षणभंगुर दुनिया की तुलना पौधों के अल्पकालिक जीवन से की गई है (आयतों 4-5 में)। नबी (ﷺ) को अल्लाह की सहायता का आश्वासन दिया गया है, और दुष्टों को जहन्नम में जलने की चेतावनी दी गई है। इस चेतावनी पर अगली सूरह में बल दिया गया है। अल्लाह के नाम से—जो अत्यंत कृपाशील, परम दयावान है

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ

अल्लाह के नाम से, जो बड़ा मेहरबान, निहायत रहम वाला है।

महान सृष्टिकर्ता

1. अपने सर्वोच्च रब के नाम की तस्बीह करो, 2. जिसने पैदा किया और (उसे) सुडौल बनाया, 3. और जिसने ठीक-ठीक अनुमान किया और फिर मार्गदर्शन किया, 4. और जो चारागाह निकालता है, 5. फिर उसे सूखा भूसा कर देता है।

سَبِّحِ ٱسْمَ رَبِّكَ ٱلْأَعْلَى
١
ٱلَّذِى خَلَقَ فَسَوَّىٰ
٢
وَٱلَّذِى قَدَّرَ فَهَدَىٰ
٣
وَٱلَّذِىٓ أَخْرَجَ ٱلْمَرْعَىٰ
٤
فَجَعَلَهُۥ غُثَآءً أَحْوَىٰ
٥

सूरह 87 - الأعْلَى (सर्वोच्च) - आयतें 1-5


क़ुरआन और सुगम मार्ग

6. हम तुम्हें पढ़ाएँगे, ताकि तुम न भूलो। 7. सिवाय इसके कि अल्लाह चाहे। वह यकीनन जानता है जो ज़ाहिर है और जो पोशीदा है। 8. हम आपके लिए आसानी का मार्ग प्रशस्त करेंगे। 9. तो नसीहत करते रहो, भले ही नसीहत फायदेमंद हो। 10. जो डरते हैं, वे नसीहत हासिल करेंगे। 11. लेकिन इसे सबसे बदबख़्त छोड़ेगा, 12. जो सबसे बड़ी आग में जलेगा, 13. जहाँ न वे जी सकेंगे और न मर सकेंगे।

سَنُقْرِئُكَ فَلَا تَنسَىٰٓ
٦
إِلَّا مَا شَآءَ ٱللَّهُ ۚ إِنَّهُۥ يَعْلَمُ ٱلْجَهْرَ وَمَا يَخْفَىٰ
٧
وَنُيَسِّرُكَ لِلْيُسْرَىٰ
٨
فَذَكِّرْ إِن نَّفَعَتِ ٱلذِّكْرَىٰ
٩
سَيَذَّكَّرُ مَن يَخْشَىٰ
١٠
وَيَتَجَنَّبُهَا ٱلْأَشْقَى
١١
ٱلَّذِى يَصْلَى ٱلنَّارَ ٱلْكُبْرَىٰ
١٢
ثُمَّ لَا يَمُوتُ فِيهَا وَلَا يَحْيَىٰ
١٣

सूरह 87 - الأعْلَى (सर्वोच्च) - आयतें 6-13


सफलता का मार्ग

14. सफल हुए वे जो पाकीज़गी इख़्तियार करते हैं, 15. अपने रब का नाम याद करते हैं और नमाज़ पढ़ते हैं। 16. लेकिन तुम (काफ़िरों) दुनिया की ज़िंदगी को तरजीह देते हो, 17. हालाँकि आख़िरत कहीं बेहतर और ज़्यादा बाक़ी रहने वाली है। 18. यह यक़ीनन पिछली किताबों में (भी) है— 19. इब्राहीम और मूसा के सह़ीफ़े।

قَدْ أَفْلَحَ مَن تَزَكَّىٰ
١٤
وَذَكَرَ ٱسْمَ رَبِّهِۦ فَصَلَّىٰ
١٥
بَلْ تُؤْثِرُونَ ٱلْحَيَوٰةَ ٱلدُّنْيَا
١٦
وَٱلْـَٔاخِرَةُ خَيْرٌ وَأَبْقَىٰٓ
١٧
إِنَّ هَـٰذَا لَفِى ٱلصُّحُفِ ٱلْأُولَىٰ
١٨
صُحُفِ إِبْرَٰهِيمَ وَمُوسَىٰ
١٩

सूरह 87 - الأعْلَى (सर्वोच्च) - आयतें 14-19