Al-Inshiqâq - The Sky Bursting Open
इस पेज पर अरबी पाठ पढ़ें, हिंदी अनुवाद समझें, पाठ सुनें और आयत दर आयत अध्ययन को स्पष्ट क्रम में जारी रखें। जब आसमान फट जाएगा, अपने रब की आज्ञा का पालन करते हुए, और उसे करना ही है, और जब धरती समतल कर दी जाएगी,
This translation is done through Artificial Intelligence (AI) modern technology. Moreover, it is based on Dr. Mustafa Khattab's "The Clear Quran".

इस पेज पर अरबी पाठ पढ़ें, हिंदी अनुवाद समझें, पाठ सुनें और आयत दर आयत अध्ययन को स्पष्ट क्रम में जारी रखें। जब आसमान फट जाएगा, अपने रब की आज्ञा का पालन करते हुए, और उसे करना ही है, और जब धरती समतल कर दी जाएगी,
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ
In the Name of Allah—the Most Compassionate, Most Merciful.
1. जब आसमान फट जाएगा,
2. अपने रब की आज्ञा का पालन करते हुए, और उसे करना ही है,
3. और जब धरती समतल कर दी जाएगी,
4. और अपनी सारी सामग्री उगल देती है और खाली हो जाती है,
5. अपने रब का आज्ञापालन करती है, जैसा कि उसे करना चाहिए, (निश्चित रूप से तुम सब का हिसाब लिया जाएगा)।
إِذَا ٱلسَّمَآءُ ٱنشَقَّتْ
وَأَذِنَتْ لِرَبِّهَا وَحُقَّتْ
وَإِذَا ٱلْأَرْضُ مُدَّتْ
وَأَلْقَتْ مَا فِيهَا وَتَخَلَّتْ
وَأَذِنَتْ لِرَبِّهَا وَحُقَّتْ
Surah 84 - الانْشِقَاق (आसमान फटना) - Verses 1-5
6. ऐ मनुष्यो! निःसंदेह तुम अपने रब की ओर अथक परिश्रम कर रहे हो, और तुम उससे मिलोगे।
7. और जिन लोगों को उनका कर्मपत्र उनके दाहिने हाथ में दिया जाएगा,
8. उनका हिसाब सहजता से होगा,
9. और वे अपने लोगों के पास प्रसन्नतापूर्वक लौटेंगे।
10. और वे जिन्हें उनका कर्मपत्र उनकी पीठ के पीछे से (उनके बाएँ हाथ में) दिया जाएगा,
11. वे (तत्काल) विनाश के लिए पुकारेंगे,
12. और वे धधकती आग में जलेंगे।
13. क्योंकि वे अपनी क़ौम में तकब्बुर करते थे,
14. यह गुमान करते हुए कि वे कभी वापस नहीं लौटेंगे।
15. क्यों नहीं! बेशक उनका रब उन्हें हमेशा से देख रहा है।
يَـٰٓأَيُّهَا ٱلْإِنسَـٰنُ إِنَّكَ كَادِحٌ إِلَىٰ رَبِّكَ كَدْحًا فَمُلَـٰقِيهِ
فَأَمَّا مَنْ أُوتِىَ كِتَـٰبَهُۥ بِيَمِينِهِۦ
فَسَوْفَ يُحَاسَبُ حِسَابًا يَسِيرًا
وَيَنقَلِبُ إِلَىٰٓ أَهْلِهِۦ مَسْرُورًا
وَأَمَّا مَنْ أُوتِىَ كِتَـٰبَهُۥ وَرَآءَ ظَهْرِهِۦ
فَسَوْفَ يَدْعُوا ثُبُورًا
وَيَصْلَىٰ سَعِيرًا
إِنَّهُۥ كَانَ فِىٓ أَهْلِهِۦ مَسْرُورًا
إِنَّهُۥ ظَنَّ أَن لَّن يَحُورَ
بَلَىٰٓ إِنَّ رَبَّهُۥ كَانَ بِهِۦ بَصِيرًا
Surah 84 - الانْشِقَاق (आसमान फटना) - Verses 6-15
16. तो, मैं शफ़क़ की क़सम खाता हूँ!
17. और रात की क़सम और जो कुछ वह समेटती है!
18. और चाँद की क़सम, जब वह पूर्ण हो जाए!
19. तुम अवश्य ही एक अवस्था से दूसरी अवस्था में गुज़रोगे।
20. तो उन्हें क्या हो गया है कि वे ईमान नहीं लाते,
21. और जब उनके सामने क़ुरआन पढ़ा जाता है, तो वे सजदा नहीं करते?
22. वास्तव में, काफ़िर इनकार पर अड़े हुए हैं।
23. लेकिन अल्लाह भली-भाँति जानता है जो कुछ भी वे छिपाते हैं।
24. तो उन्हें एक दर्दनाक अज़ाब की खुशखबरी दो।
25. लेकिन जो ईमान लाए और नेक अमल किए, उनके लिए कभी न खत्म होने वाला अज्र (प्रतिफल) होगा।
فَلَآ أُقْسِمُ بِٱلشَّفَقِ
وَٱلَّيْلِ وَمَا وَسَقَ
وَٱلْقَمَرِ إِذَا ٱتَّسَقَ
لَتَرْكَبُنَّ طَبَقًا عَن طَبَقٍ
فَمَا لَهُمْ لَا يُؤْمِنُونَ
وَإِذَا قُرِئَ عَلَيْهِمُ ٱلْقُرْءَانُ لَا يَسْجُدُونَ ۩
بَلِ ٱلَّذِينَ كَفَرُوا يُكَذِّبُونَ
وَٱللَّهُ أَعْلَمُ بِمَا يُوعُونَ
فَبَشِّرْهُم بِعَذَابٍ أَلِيمٍ
إِلَّا ٱلَّذِينَ ءَامَنُوا وَعَمِلُوا ٱلصَّـٰلِحَـٰتِ لَهُمْ أَجْرٌ غَيْرُ مَمْنُونٍۭ
Surah 84 - الانْشِقَاق (आसमान फटना) - Verses 16-25