यह अनुवाद कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधुनिक प्रौद्योगिकी के माध्यम से किया गया है। इसके अलावा, यह डॉ. मुस्तफा खत्ताब के "स्पष्ट कुरआन" पर आधारित है।

Surah 65 - Aṭ-Ṭalâq

Aṭ-Ṭalâq (सूरह 65)

Aṭ-Ṭalâq (Divorce)

मदनी सूरहमदनी सूरह

परिचयDoctrineUnseen

यह मदनी सूरह तलाक़ के तरीक़े और तलाक़शुदा महिलाओं तथा उनके छोटे बच्चों के रहने की व्यवस्था का वर्णन करती है (आयतों 1-7 में)। जो लोग अल्लाह के आदेशों का पालन करते हैं, उन्हें बड़े प्रतिफल का वादा किया गया है, जबकि जो उसकी अवज्ञा करते हैं, उन्हें उन लोगों के अंजाम से आगाह किया गया है जो उनसे पहले तबाह किए गए थे। अल्लाह के आदेशों का पालन करने के विषय में अगली सूरह में विस्तार से बताया गया है। अल्लाह के नाम से जो परम दयालु, अत्यंत मेहरबान है

Aṭ-Ṭalâq - Divorce

इस पेज पर अरबी पाठ पढ़ें, हिंदी अनुवाद समझें, पाठ सुनें और आयत दर आयत अध्ययन को स्पष्ट क्रम में जारी रखें।

हे नबी!

जब तुम औरतों को तलाक़ दो, तो उन्हें उनकी इद्दत (प्रतीक्षा अवधि) का ध्यान रखते हुए तलाक़ दो और उसे सही-सही गिनो। और अल्लाह से डरो, जो तुम्हारा रब है। उन्हें उनके घरों से न निकालो और न वे खुद निकलें—सिवाय इसके कि वे कोई खुली बेहयाई करें। ये अल्लाह की हदें हैं। और जो कोई अल्लाह की हदों को लाँघता है, उसने यकीनन अपनी ही जान पर ज़ुल्म किया। तुम नहीं जानते, शायद अल्लाह इसके बाद कोई (दिल का) बदलाव पैदा कर दे। फिर जब वे अपनी इद्दत की अवधि पूरी करने के करीब हों, तो उन्हें सम्मानपूर्वक रोक लो या सम्मानपूर्वक उनसे अलग हो जाओ। और अपने में से दो भरोसेमंद आदमियों को गवाह बना लो—और (गवाहों को चाहिए कि) वे अल्लाह के लिए सच्ची गवाही दें। यह उस हर शख्स को नसीहत दी जाती है, जो अल्लाह और आख़िरत के दिन पर ईमान रखता है। और जो कोई अल्लाह का तक़वा (भय) रखता है, अल्लाह उसके लिए एक रास्ता निकाल देगा, और उसे ऐसी जगह से रिज़्क़ देगा जिसकी उसने कभी कल्पना भी नहीं की होगी। और जो कोई अल्लाह पर भरोसा करता है, तो वह (अल्लाह) उसके लिए काफी है। यकीनन अल्लाह अपना काम पूरा करके रहता है। अल्लाह ने हर चीज़ के लिए एक तक़दीर (निश्चित माप) मुक़र्रर कर रखी है।