यह अनुवाद कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधुनिक प्रौद्योगिकी के माध्यम से किया गया है। इसके अलावा, यह डॉ. मुस्तफा खत्ताब के "स्पष्ट कुरआन" पर आधारित है।

Surah 26 - الشُّعَرَاء

Ash-Shu’arâ' (सूरह 26)

الشُّعَرَاء (The Poets)

मक्की सूरहमक्की सूरह

परिचय

यह मक्की सूरह आयतों 224-226 में कवियों के उल्लेख से अपना नाम प्राप्त करती है। चूँकि पिछली सूरह सत्य के इनकार करने वालों के लिए एक चेतावनी के साथ समाप्त होती है, यह सूरह फ़िरौन और नूह, शुऐब, लूत और सालेह की क़ौमों जैसे नष्ट किए गए इनकार करने वालों की कई चेतावनीपूर्ण कहानियाँ सुनाती है। क़ुरआन की ईश्वरीय उत्पत्ति पर सूरह के आरंभ और अंत दोनों में ज़ोर दिया गया है। अंतिम आयत (227) में वर्णित मोमिनों के गुणों को अगली सूरह के आरंभ में विस्तार से बताया गया है। अल्लाह के नाम से—जो अत्यंत कृपाशील, परम दयावान है।

Ash-Shu'arâ' - The Poets

इस पेज पर अरबी पाठ पढ़ें, हिंदी अनुवाद समझें, पाठ सुनें और आयत दर आयत अध्ययन को स्पष्ट क्रम में जारी रखें। ता-सीन-मीम। ये रोशन किताब की आयतें हैं। शायद आप उनके कुफ़्र पर ग़म से जान दे देंगे।