यह अनुवाद कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधुनिक प्रौद्योगिकी के माध्यम से किया गया है। इसके अलावा, यह डॉ. मुस्तफा खत्ताब के "स्पष्ट कुरआन" पर आधारित है।

Surah 19 - Mariam

Mariam (सूरह 19)

Mariam (Mary)

मक्की सूरहमक्की सूरह

परिचयStoriesUnseen

यह मक्की सूरह कुँवारी मरियम (जिनके नाम पर सूरह का नाम रखा गया है) द्वारा ईसा (अलैहिस्सलाम) के चमत्कारी जन्म और बूढ़े ज़करिया (अलैहिस्सलाम) तथा उनकी वृद्ध, बांझ पत्नी से यह्या (अलैहिस्सलाम) के जन्म की चमत्कारी कहानियाँ बयान करती है। अन्य नबियों (अलैहिस्सलाम) को अल्लाह के फ़ज़्ल और रहमत (कृपा और अनुग्रह) के पात्र के रूप में उद्धृत किया गया है। अल्लाह के लिए संतान का आरोप लगाना (आयतों 88-95) और पुनरुत्थान (क़यामत) का इनकार करना (आयतों 66-70) अत्यंत आपत्तिजनक और कुफ़्र (ईशनिंदापूर्ण) के रूप में अस्वीकृत किया गया है। इस सूरह का अंत और अगली सूरह का आरंभ दोनों क़ुरआन के अवतरण (नाज़िल होने) के उद्देश्य के बारे में बात करते हैं।

Mariam - Mary

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काफ़-हा-या-ऐन-साद। यह आपके रब की रहमत का ज़िक्र है अपने बंदे ज़करिया पर, जब उसने अपने रब से अकेले में दुआ की,