यह अनुवाद कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधुनिक प्रौद्योगिकी के माध्यम से किया गया है। इसके अलावा, यह डॉ. मुस्तफा खत्ताब के "स्पष्ट कुरआन" पर आधारित है।

Surah 114 - النَّاس

An-Nâs (सूरह 114)

النَّاس (Humankind)

मदनी सूरहमदनी सूरह

परिचय

पिछली सूरह की तरह, यह मदनी सूरह इंसानों और जिन्नों के शर से पनाह माँगने की एक दुआ है। यह अंतिम सूरह इस बात पर बल देती है कि अल्लाह सबका रब और मालिक है और वही एकमात्र है जिससे मदद माँगी जाए, जो कुरान की पहली सूरह के केंद्रीय विषय से पूरी तरह जुड़ जाता है। अल्लाह के नाम से जो परम कृपालु, अत्यंत दयावान है।

بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ

अल्लाह के नाम से, जो बड़ा मेहरबान, निहायत रहम वाला है।

शैतानी वसवसों से पनाह मांगना

1. कहो, मैं मनुष्यों के रब की शरण लेता हूँ, 2. मनुष्यों के बादशाह की, 3. मनुष्यों के पूज्य की, 4. छिप-छिपकर वार करने वाले फुसलाने वाले के शर से— 5. जो इंसानों के दिलों में फुसलाता है— 6. जिन्न और इंसानों में से।”

قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ ٱلنَّاسِ
١
مَلِكِ ٱلنَّاسِ
٢
إِلَـٰهِ ٱلنَّاسِ
٣
مِن شَرِّ ٱلْوَسْوَاسِ ٱلْخَنَّاسِ
٤
ٱلَّذِى يُوَسْوِسُ فِى صُدُورِ ٱلنَّاسِ
٥
مِنَ ٱلْجِنَّةِ وَٱلنَّاسِ
٦

सूरह 114 - النَّاس (लोग) - आयतें 1-6