Al-Falaq - The Daybreak
इस पेज पर अरबी पाठ पढ़ें, हिंदी अनुवाद समझें, पाठ सुनें और आयत दर आयत अध्ययन को स्पष्ट क्रम में जारी रखें।
कहो, मैं सुबह के रब की पनाह माँगता हूँ, उसके शर से जो कुछ उसने पैदा किया है, और रात के शर से जब वह छा जाए,
यह अनुवाद कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधुनिक प्रौद्योगिकी के माध्यम से किया गया है। इसके अलावा, यह डॉ. मुस्तफा खत्ताब के "स्पष्ट कुरआन" पर आधारित है।

इस पेज पर अरबी पाठ पढ़ें, हिंदी अनुवाद समझें, पाठ सुनें और आयत दर आयत अध्ययन को स्पष्ट क्रम में जारी रखें।
कहो, मैं सुबह के रब की पनाह माँगता हूँ, उसके शर से जो कुछ उसने पैदा किया है, और रात के शर से जब वह छा जाए,
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ
अल्लाह के नाम से, जो बड़ा मेहरबान, निहायत रहम वाला है।
1. कहो, मैं सुबह के रब की पनाह माँगता हूँ,
2. उसके शर से जो कुछ उसने पैदा किया है,
3. और रात के शर से जब वह छा जाए,
4. और गाँठों पर फूँक मारने वालियों की बुराई से,
5. और हसद करने वाले की बुराई से, जब वह हसद करे।
”
قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ ٱلْفَلَقِ١
مِن شَرِّ مَا خَلَقَ٢
وَمِن شَرِّ غَاسِقٍ إِذَا وَقَبَ٣
وَمِن شَرِّ ٱلنَّفَّـٰثَـٰتِ فِى ٱلْعُقَدِ٤
وَمِن شَرِّ حَاسِدٍ إِذَا حَسَدَ٥
सूरह 113 - الفَلَق (सुबह) - आयतें 1-5