This translation is done through Artificial Intelligence (AI) modern technology. Moreover, it is based on Dr. Mustafa Khattab's "The Clear Quran".

Al-Mâ’ûn (Surah 107)
المَاعُون (Simplest Aid)
Introduction
यह मक्की सूरह, जिसका नाम आयत 7 से लिया गया है, आख़िरत के इनकार करने वालों की अल्लाह के प्रति निष्ठा की कमी और ज़रूरतमंदों के प्रति करुणा की कमी के लिए निंदा करती है। अगली सूरह में, नबी (ﷺ) को केवल अल्लाह के प्रति समर्पित रहने और अपने क़ुर्बानी के जानवरों का गोश्त ज़रूरतमंदों में बांटने का आदेश दिया गया है। अल्लाह के नाम से—जो अत्यंत कृपाशील, परम दयावान है।
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ
In the Name of Allah—the Most Compassionate, Most Merciful.
क़यामत के इनकारियों के गुण
1. क्या आपने उसे देखा जो दीन को झुठलाता है? 2. वही तो है जो यतीम को दुत्कारता है, 3. और मिस्कीनों को खाना खिलाने पर नहीं उभारता। 4. तो उन नमाज़ियों के लिए विनाश है, 5. जो अपनी नमाज़ों से ग़ाफ़िल रहते हैं; 6. जो (केवल) दिखावा करते हैं, 7. और छोटी से छोटी मदद देने से इनकार करते हैं।