यह अनुवाद कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधुनिक प्रौद्योगिकी के माध्यम से किया गया है। इसके अलावा, यह डॉ. मुस्तफा खत्ताब के "स्पष्ट कुरआन" पर आधारित है।

At-Takâthur (सूरह 102)
التَّكَاثُر (Competition for More Gains)
परिचय
इस मक्की सूरह और अगली में, काफ़िरों की इस बात पर आलोचना की गई है कि वे अपनी ज़िंदगी उन कामों में ज़ाया करते हैं जिनका आख़िरत में कोई मोल नहीं, जिनमें सबसे अहम है दौलत जमा करना। अल्लाह के नाम से जो अत्यंत कृपाशील, परम दयावान है।
بِسْمِ ٱللَّهِ ٱلرَّحْمَـٰنِ ٱلرَّحِيمِ
अल्लाह के नाम से, जो बड़ा मेहरबान, निहायत रहम वाला है।
व्यर्थ जिंदगियाँ
1. अधिकता की होड़ तुम्हें (अल्लाह से) गाफिल रखती है, 2. यहाँ तक कि तुम अपनी कब्रों में जा पहुँचते हो। 3. हरगिज़ नहीं! तुम्हें जल्द ही मालूम हो जाएगा। 4. हरगिज़ नहीं! तुम जल्द ही जान जाओगे। 5. यदि तुम निश्चित ज्ञान से जानते। 6. तुम अवश्य ही जहन्नम को देखोगे। 7. फिर, तुम इसे यक़ीन की आँख से अवश्य देखोगे। 8. फिर, उस दिन तुमसे (तुम्हारी दुनियावी) नेमतों के बारे में अवश्य पूछा जाएगा।